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पंजीकृत संस्था · सागर (म.प्र.) · 2007 से

स्थानीय फलों से आजीविका तक का हुनर

अंजलि समाज कल्याण एवं विकास समिति मध्य प्रदेश की ग्रामीण महिलाओं और युवाओं को फल परिरक्षण, खाद्य प्रसंस्करण और जड़ी-बूटी उत्पादों का प्रशिक्षण देती है, ताकि वे सम्मान के साथ कमा सकें और अपना छोटा उद्यम शुरू कर सकें।

से पंजीकृत और कार्यरत
2007
महिलाओं को फल परिरक्षण का प्रशिक्षण
150+
उद्यानिकी और खाद्य प्रसंस्करण का अनुभव
38 वर्ष
रेडियो वार्ताएं, लेख और प्रसारण
80+

हमारा परिचय

उद्यानिकी के 38 वर्षों के अनुभव पर आधारित समिति

2007 में सागर में स्थापित और फल परिरक्षण विशेषज्ञ श्रीमती सुनीता मिश्रा के नेतृत्व में, समिति अपने पूर्णतः सुसज्जित खाद्य प्रसंस्करण कार्यालय से व्यावहारिक प्रशिक्षण देती है।

दृष्टि

अंजलि समाज कल्याण एवं विकास समिति का लक्ष्य ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को कौशल प्राप्त करने तथा सार्थक और सम्मानजनक रोज़गार पाने में सहयोग देना है। हम उद्यमिता को भी बढ़ावा देते हैं और प्रशिक्षण के माध्यम से महिलाओं को खाद्य प्रसंस्करण के लघु एवं सूक्ष्म उद्यम स्थापित करने में मदद करते हैं।

ध्येय

हमारा ध्येय कौशल विकास प्रशिक्षणों के माध्यम से ग्रामीण युवाओं और महिलाओं की क्षमता का निर्माण करना है।

समिति के बारे में और जानें →

प्रशिक्षण कार्यक्रम

आय से जुड़े व्यावहारिक पाठ्यक्रम

एक और तीन दिन के कार्यक्रम, जिनमें प्रायोगिक सत्र, प्रमाण-पत्र और पैकिंग व विपणन का मार्गदर्शन शामिल है।

  • 3 दिन · व्यावहारिक प्रशिक्षण

    मौसमी फलों के पेय पदार्थ

    नींबू, बेल, बेर, आम, तरबूज़ और संतरे से स्क्वैश, कॉर्डियल और शरबत बनाना सीखें, साथ ही उनकी पैकिंग और बिक्री का तरीका भी।

  • 3 दिन · व्यावहारिक प्रशिक्षण

    टमाटर के मूल्य संवर्धित एवं परिरक्षित उत्पाद

    मौसम में बचे टमाटरों से सॉस, केचप, सूप, चटनी, कॉकटेल और पाउडर बनाना सीखें, साथ ही बोतलों को जीवाणुरहित करने, पैकिंग और विपणन की जानकारी।

  • 1 दिन · व्यावहारिक प्रशिक्षण

    फल परिरक्षण (आंवला उत्पाद)

    फल परिरक्षण का एक दिवसीय परिचय: आंवला कैंडी, आंवला लड्डू, नींबू स्क्वैश और कॉर्डियल, और बेल शरबत।

  • 1 दिन · व्यावहारिक प्रशिक्षण

    औषधीय एवं जड़ी-बूटी उत्पाद

    आंवला, अश्वगंधा, बेल, सफ़ेद मूसली, ब्राह्मी, अर्जुन, तुलसी और शतावरी से चूर्ण बनाना सीखें: ये सभी पौधे सागर के आसपास उगते हैं।

प्रमुख कार्यक्षेत्र

हम किस दिशा में काम करते हैं

  • आत्मनिर्भर भारत एवं मेक इन इंडिया

    मध्य प्रदेश की महिलाओं और युवाओं को स्थानीय फलों और जड़ी-बूटियों से ऐसे उत्पाद बनाना सिखाना, जिन्हें वे स्वयं बनाकर बेच सकें।

  • कौशल विकास

    फल परिरक्षण, पेय पदार्थ, टमाटर उत्पाद और जड़ी-बूटी चूर्ण का व्यावहारिक प्रशिक्षण, साथ में इकाई शुरू करने के लिए परियोजना प्रतिवेदन का मार्गदर्शन।

  • पर्यावरण एवं मिशन लाइफ़

    वृक्षारोपण अभियान और पर्यावरण जागरूकता, जिसमें डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर के परिसर में वृक्षारोपण और सौंदर्यीकरण का कार्य शामिल है।

नेतृत्व

प्रशिक्षणों के पीछे के लोग

अध्यक्ष

श्रीमती सुनीता मिश्रा

फल परिरक्षण विशेषज्ञ

श्रीमती सुनीता मिश्रा समिति और उसके प्रशिक्षण कार्यक्रमों का नेतृत्व करती हैं। राज्य स्तर पर पुरस्कृत फल परिरक्षण विशेषज्ञ के रूप में उन्होंने 150 से अधिक महिलाओं को फल परिरक्षण और फलों के पेय बनाने का प्रशिक्षण दिया है, और आकाशवाणी तथा राष्ट्रीय कृषि साप्ताहिकों के माध्यम से व्यंजन और परिरक्षण की विधियां साझा की हैं।

सलाहकार

श्री राजेश कुमार मिश्रा

पूर्व वरिष्ठ उद्यान अधिकारी, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग, म.प्र. शासन

श्री राजेश कुमार मिश्रा को मध्य प्रदेश शासन में उद्यानिकी और खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में 38 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने खाद्य प्रसंस्करण पर पुस्तकों का संपादन किया है, लगभग 50 रेडियो वार्ताएं दी हैं, और पर्यावरण जागरूकता के कार्य के लिए राज्य शासन द्वारा सम्मानित किए गए हैं।

हमारी यात्रा

प्रमुख पड़ाव

  1. 2004

    पुरस्कृत परिरक्षित उत्पाद

    श्रीमती सुनीता मिश्रा ने राज्य आम प्रदर्शनी, सागर में आम स्क्वैश के लिए प्रथम पुरस्कार जीता।

  2. 2005

    मुख्यमंत्री द्वारा पुस्तकों का विमोचन

    श्री आर.के. मिश्रा द्वारा संपादित खाद्य प्रसंस्करण की पुस्तकों का विमोचन राज्य स्तरीय कृषि मेला, गढ़ाकोटा में हुआ। स्व-सहायता समूहों के बनाए उत्पाद भारत अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला, नई दिल्ली में प्रदर्शित किए गए।

  3. 2007

    समिति का पंजीकरण

    अंजलि समाज कल्याण एवं विकास समिति का पंजीकरण 26 अप्रैल 2007 को हुआ (पंजीयन क्र. 06/09/01/05923/07)।

  4. 2008

    राष्ट्रीय युवा महोत्सव, चेन्नई

    युवा कृति, चेन्नई में समिति की आंवला बर्फ़ी और आंवला लड्डू की तमिलनाडु के युवा कल्याण मंत्री ने सराहना की।

  5. 2009–10

    विश्वविद्यालय परिसर में वृक्षारोपण

    श्री आर.के. मिश्रा डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय की परिसर सौंदर्यीकरण समिति में शामिल हुए; बाद में विश्वविद्यालय ने समिति के कार्य को सम्मानित किया।

  6. 2020

    किसान मेला एवं महिला समूह सम्मेलन

    समिति ने 9 मार्च 2020 को आयोजित किसान मेला एवं महिला समूह सम्मेलन में भाग लिया।

  7. 2020–21

    कोविड-19 राहत कार्य

    लॉकडाउन के दौरान सचिव अंजलि जी ने राजमार्ग पर पैदल घर लौट रहे प्रवासी श्रमिकों को भोजन के पैकेट बांटे।

सभी पुरस्कार और सम्मान देखें →

सामान्य प्रश्न

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अंजलि समाज कल्याण एवं विकास समिति क्या है?

यह सागर, मध्य प्रदेश की एक पंजीकृत स्वयंसेवी संस्था (NGO) है, जिसकी स्थापना 2007 में हुई। यह ग्रामीण महिलाओं और युवाओं को फल परिरक्षण, खाद्य प्रसंस्करण और जड़ी-बूटी उत्पादों का प्रशिक्षण देती है, ताकि वे सम्मानजनक काम पा सकें या छोटा उद्यम शुरू कर सकें।

क्या समिति एक पंजीकृत संस्था है?

हां। समिति का पंजीकरण 26 अप्रैल 2007 को पंजीयन क्रमांक 06/09/01/05923/07 के अंतर्गत हुआ है।

समिति का नेतृत्व कौन करता है?

समिति की अध्यक्ष श्रीमती सुनीता मिश्रा हैं, जो राज्य स्तर पर पुरस्कृत फल परिरक्षण विशेषज्ञ हैं। सलाहकार श्री राजेश कुमार मिश्रा हैं, जो मध्य प्रदेश शासन के उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग से सेवानिवृत्त वरिष्ठ उद्यान अधिकारी हैं और जिन्हें 38 वर्षों का अनुभव है।

समिति कौन-से प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाती है?

चार व्यावहारिक कार्यक्रम: मौसमी फलों के पेय पदार्थ (3 दिन), टमाटर के मूल्य संवर्धित उत्पाद (3 दिन), फल परिरक्षण यानी आंवला उत्पाद (1 दिन), और औषधीय एवं जड़ी-बूटी उत्पाद (1 दिन)। हर कार्यक्रम में प्रायोगिक सत्र और पैकिंग व विपणन का मार्गदर्शन शामिल है।

प्रशिक्षण कार्यक्रमों में कौन शामिल हो सकता है?

ये कार्यक्रम ग्रामीण महिलाओं, स्व-सहायता समूहों, बीपीएल परिवारों की महिलाओं और खाद्य प्रसंस्करण से कमाई करना चाहने वाले युवाओं के लिए बनाए गए हैं। पहले से किसी अनुभव की ज़रूरत नहीं है।

क्या आपके स्व-सहायता समूह को प्रशिक्षण चाहिए?

हम पूरे मध्य प्रदेश में स्व-सहायता समूहों, महिला समूहों, वाटरशेड समितियों और संस्थानों के लिए कार्यक्रम चलाते हैं। अपने समूह के बारे में बताएं, हम सत्र की योजना बनाएंगे।