अध्यक्ष
श्रीमती सुनीता मिश्रा
फल परिरक्षण विशेषज्ञ
श्रीमती सुनीता मिश्रा समिति और उसके प्रशिक्षण कार्यक्रमों का नेतृत्व करती हैं। राज्य स्तर पर पुरस्कृत फल परिरक्षण विशेषज्ञ के रूप में उन्होंने 150 से अधिक महिलाओं को फल परिरक्षण और फलों के पेय बनाने का प्रशिक्षण दिया है, और आकाशवाणी तथा राष्ट्रीय कृषि साप्ताहिकों के माध्यम से व्यंजन और परिरक्षण की विधियां साझा की हैं।
राज्य स्तरीय पुरस्कार
- आंवला व्यंजन के लिए प्रथम पुरस्कार, राज्य स्तरीय सब्ज़ी प्रदर्शनी, भोपाल, 12–13 फ़रवरी 2005
- आम स्क्वैश के लिए प्रथम पुरस्कार, राज्य आम प्रदर्शनी, सागर, 9 जून 2004
- आम के मुरब्बे के लिए द्वितीय पुरस्कार, राज्य आम प्रदर्शनी, सागर
प्रशिक्षण अनुभव
- शहरी बीपीएल परिवारों की 60 महिलाओं को मौसमी फलों से पेय बनाने का 300 घंटे का प्रशिक्षण
- एसजीएसवाई योजना के अंतर्गत सागर ज़िले के विभिन्न विकासखंडों में स्व-सहायता समूहों की 60 महिलाओं को फल परिरक्षण का प्रशिक्षण
- कुल मिलाकर 150 से अधिक महिलाओं को फल परिरक्षण और फलों के पेय का प्रशिक्षण
आकाशवाणी वार्ताएं (सागर एवं छतरपुर)
- “फल परिरक्षण”, आकाशवाणी सागर, 15 जनवरी 1997
- “नींबू का परिरक्षण”, आकाशवाणी सागर, 29 सितंबर 2004
- “आम का परिरक्षण”, आकाशवाणी सागर, 19 जून 2004
- “गर्मी के पेय”, आकाशवाणी छतरपुर, 19 मई 2005
- “वैज्ञानिक विधि से फलों का परिरक्षण”, आकाशवाणी छतरपुर, 8 अगस्त 2005
- “मौसमी फलों का परिरक्षण”, आकाशवाणी छतरपुर, 15 दिसंबर 2005
- “फल परिरक्षण उद्योग की स्थापना”, आकाशवाणी छतरपुर, 19 अगस्त 2006
- “स्वरोज़गार के रूप में परिरक्षण”, आकाशवाणी छतरपुर, 4 मार्च 2007
प्रकाशित लेख (कृषक जगत, भोपाल)
- “पेय पदार्थ”
- “नींबू का शरबत” और “संतरे का शरबत”, 30 जुलाई 2000
- “फल परिरक्षण: ग्रामीण महिलाओं के लिए लाभदायक रसोई उद्योग”, 23–29 अक्टूबर 2000
- “अमरूद का नेक्टर” और “अमरूद की जेली”, 23–29 अक्टूबर 2000
प्रदर्शनियां
- भारत अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला, नई दिल्ली, 2005 में स्व-सहायता समूहों द्वारा बनाए गए टमाटर उत्पादों (सॉस, केचप, सूप) का प्रदर्शन